Saturday, April 7, 2012

बात अभी बाकी है...

रात अभी बाकी है
चाँद अभी बाकी है,
मेरे हाथों में तेरी छुवन का
एहसास अभी बाकी है;

औंधे हैं पड़े हुए
करवट कभी बदल रहे,
जगह आँखों में नींद की
तेरी याद अभी बाकी है;

नज़र भर के देखा था तुम्हें
सामने बैठे थे जब,
इन नज़रों में तेरे जाने के बाद
परछाईं तेरी बाकी है;

सोचता हूँ मिलूँ कल जो तुम्हें
बताऊँ हाल-ए-दिल तुम्हें,
आँखों में देख कह दूँ तुम्हें
जो बात अभी बाकी है |

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