कैसी ख़ामोशी सी
खींचती जा रही है
दरम्यां;
खींचती जा रही है
दरम्यां;
एक अजीब सी दूरी
बनती जा रही है
दरम्यां;
बनती जा रही है
दरम्यां;
कोई दीवार ना आये
सर उठाये अपने
दरम्यां;
सर उठाये अपने
दरम्यां;
मैं रहूँ और तुम रहो
और रहे बस हम
दरम्यां |
और रहे बस हम
दरम्यां |
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